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क्या तंत्र मंत्र से किसी औरत को वश में किया जा सकता है?


 मैं वैसे इस विषय पर लिखने से बच रहा था पर यह बात सच है,पर पर पर यह बहुत गलत काम है इसका असर करवाने वाले पर भी उतना ही होता है।जैसे अचछे काम करने पर वह आपको कहीं ना कंही अचछा ही मिलेगा।वैसे ही बुरे का भी बुरा ही नतीजा रहता है।अभी मेरे साथ दो लडके जिनमे एक की उमर 30 और दूसरे की 25 साल होगी।जो 30 साल का है ओ जब काम करता है तो अजीब सी हरकते करता है, यूनीफाम गंदी रहती है,सीनीयर से बहस भी करता है और डांटो तो चुप हो जाता है ।सब लोग इगनोर करते है कि यह थोडा दिमाग से सही नही है।एक दिन जो दूसरा 25 साल का लडका मेरे साथ काम कर रहा था तो उसकी (30 साल वाले)बात चल पडी तो उसने बताया कि शैफ साहब यह उत्तराखंड में मेरे गांव के पास के गांव का ही है मेरे बड़े भाई के साथ पढ़ता था और बहुत समझदार था यह किसी लड़की को पसंद करता था और उसका प्यार पाने के लिए इसने उसके ऊपर कुछ उच्चाटन क्रिया करवाई जोकि उस लड़की के साथ तो पता नहीं क्या हुआ पर यह खुद ही ऐसा हो गया ।सारे गांव में सभी कहते हैं कि यह बहुत अच्छा लड़का था दिमाग वाला था। परंतु इस गलत कर्म की वजह से आज इसकी यह हालत है। आज 30 साल की उम्र मैं भी वह सबसे छोटी पोस्ट पर काम कर रहा है, उसी पोस्ट पर वही 25 साल का लड़का भी काम कर रहा है ।दिल्ली में स्थित उसके मां -बाप के कई मकान है। तो मैंने उस लड़के से(25साल वाले) कहा कि घरवाले इसकी शादी क्यों नहीं करवाते । तो उसके मुंह से यही जवाब निकला कि सर ऐसे को कौन अपनी लड़की देगा ।यह मेरे सामने की एक सच्ची बात है ।जो लोग विश्वास नहीं करते यह उनका अपना मत हो सकता है।पर यह चीज ठीक नही होती।अब मैं एक बात बोलूंगा जो पित्र दोष को मानते होंगे वह इस बात पर विश्वास करेंगे अन्यथा नहीं करेंगे ।पित्र दोष भी कई पीढ़ियों का निकलता है आने वाली पीढी पर जिसकी वजह से आने वाली कई पीढ़ियों को उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है ।पंडित जी जन्मपत्री देखकर यह बता देते हैं कि कितनी पुरानी पीढी से है और अब इसका क्या इलाज करना है ।जब हम अपने पूर्वजों के साथ हुई घटना की वजह से वर्तमान में पीड़ित हो सकते हैं, तो इस तरह की घटनाएं भी हो सकती हैं ।परंतु यह गलत है,अंत में भले का भला ही होता है चाहे देर से ही सही ऐसा ही बुरे का बुरा।

ऐडिट: कवारा ने इस जवाब को लाख से जयादा बार दिखाया जिसकी ना मुझे उमीद थी और ना ही इच्छा अब तक इस जवाब को 50000 लोगों ने देखा है और 130 लोग इसे अपवोट कर चुके हैं,जो कि अनुपात में कुछ ज्यादा नहीं है ।मेरा कहने का मतलब यह है कि ना तो मुझे अपवोट की लालच थी कि जिस के चक्कर में मैंने यह लेख लिखा हो मेरे इस लेख को पढकर कुछ भाइयों ने इसको अंधविश्वास कहा जो कि उनके हिसाब से ठीक भी हो सकता है ।और सही बतांऊ तो यह लेख लिखते हुए मुझे खुशी भी नहीं हो रही थी क्योंकि कहीं ना कहीं इसमें एक तरह का दुख लिपटा हुआ था। मैंने इन चीजों को करीब से देखा है और अपने सगे मामा को भी इसी वजह से खोया है जो कि मेरे हम उम्र ही थे तो जब कभी भी कोई ऐसा सवाल कवारा पर आता है तो मैं उसका जवाब दिए बिना नहीं रह पाता। मैंने इससे भी बेहतर जवाब दिए हैं परंतु इत्तेफाक से वह जितने मेरी नजर में बेहतर थे उनको अपवोट उतने ही कम मिले। एक जवाब मैंने लिखा था सन 1962 की लड़ाई में पौड़ी गढ़वाल के जसवंत सिंह रावत जिन के ऊपर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनी है (72 हावर )72 घंटे बिना खाए पिए उनहोने 300 चीनी सैनिकों को मारा था इत्तेफाक से उनके ही खास भाई का पोता मेरे साथ काम करता था और उसने कई ऐसे पिक्चर दिखाएं जिसमें उसने बताया कि उनके नाम पर पौड़ी गढ़वाल में कई खेल प्रतियोगिताएं होती हैं उनकी मां को आजीवन सरकार ने बहुत सारे पुरस्कार दिए ,पैसे दिए परिवार मे कईयों को नौकरी भी मिली यह जवाब मुझे लिखते हुए इसलिए खुशी हुई क्योंकि वह लड़का मेरे साथ ही काम करता था और उसके दिखाए साबूतो के आधार पर वह लेख लिखा हां मेरे लिखने का तरीका कोई बेहतरीन लेखक जैसा ना रहा हो वह अलग बात है, इससे पता चलता है कि अगर कवारा उसको भी एक लाख लोगों को दिखाता तो शायद उसमें भी बेहतर अपवोट मिलते।अंत मे किसी भाई को बुरा लगा हो तो क्षमा प्रार्थी हूं ।धन्यवाद।

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