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क्या प्रेम वास्तव में है या ये बस भ्रम है ?


 औरत-मर्द के बीच प्रेम- व्रेम कुछ नहीं, हवस है सिर्फ हवस !

जो कुछ भी bf/ gf के बीच हो रहा होता है,यानि डेटिंग वगैरा, वह सिर्फ और सिर्फ एक दूसरे का जिस्म पाने के लिये ? जिस्म मिल गया,तो मजा लेने के लिये दूसरे शिकार की तलाश शुरु?

विश्वास नहीं तो परीक्षण कर लीजिये।

परीक्षण का तरीका:

किसी दिन gf से कहिये कि आपने अपने पापा से शादी की बात की थी,मगर वे इस शादी के लिये( gf से) तैयार नहीं।

ऐसा कहकर उदास चेहरा बनाइये,और चुपचाप पतली गली से खिसक लीजिये।

अपना मोबाइल नम्बर भी बदल डालिये,यानि gf से बातें बन्द।वह बात करने की कोशिश भी करे,तो बचिये।मगर उसे अपशब्द बिलकुल न बोलें।

रास्ते में सामने से आती दिखे,तो साइड बदल लो।

ऐसा नाटक सिर्फ 4–5 महीने चलाइये।

दावा है कि gf इस 4- 5 महीने में कहीं और लाइन मार चुकी होगी?

यानि, जिसने कभी अपने प्यार के लिये दुनिया छोड़ने की बात की थी,वह आपको ही छोड़ जाएगी।😜

कोई लड़की कह सकती है कि 4- 5 महीने तो कोई भी इन्तजार नहीं करेगी? तो फिर सवाल यही तो है कि फिर कैसा प्रेम ? क्यों डीन्ग मारती फिरती हैं कि " मैं तुम्हारे लिये जान भी दे दूँगी।"🤣

ऐसा ही करके लड़की अपने bf को भी आजमा सकती है।

ये युवा अगर 4 महीने में ही दूसरी जगह लाईन मार रहे हों,तो क्या कहेंगे आप? कोरा छल और धोखा हुआ कि नहीं?

स्कूली पढ़ाई के वक़्त उपजा प्रेम जब 2–3 साल तक परवान चढ़ चुका होता है,तो किसी तीसरे के बीच में आ जाने से दोनों में से एक चुपचाप पतली गली से खिसक जाता/जाती है। तो फिर कहाँ रह गया प्रेम- प्यार?

इन प्रेम कथाओं में धोखा खाए न जाने कितने मजनूँ बोतल हाथ में लेकर आँसू बहाते सड़कों पर घूम रहे हैं?

अक्सर लड़की शादी के लिये पिता के तैयार न होने की बात (बहाना) बोल कर पतली गली से खिसक लेती है। अब वो बेचारा बोतल हाथ में लिये देवदास बनने को मजबूर है।🤣

यानि आशिक अब ना इधर का रहा, ना ही उधर का?

इसलिए प्रेम सिर्फ एक भ्रम है, छल है ।कोई किसी के लिये न मरता है, और न 4–5 महीने कोई इन्तजार करता/ करती है !

चाहो तो आज ही आजमा कर देख लो।😫

विशेष:एक सुधी पाठक ने टिप्पणी( नीचे देखें) की है कि उन्होने उक्त परीक्षण अपनी गर्ल फ्रेंड पर आजमाया।नतीजा वही हुआ जो ऊपर हमने बताया है!पाठक से हमें सहानूभूति है।मगर गर्ल फ्रेंड के छल से तो बच गए न? 😥

विवाहित युगल का प्रेम भी सिर्फ एक दिखावा:

अब आप सोचेंगे कि विवाहित लोग तो बच्चे पैदा करते हैं,परिवार बनाते हैं,तो प्रेम करते ही होंगे।

मगर जनाब अंदर की बात यह है कि शादी के बाद 2–4 महीने ही एक दूसरे में दिलचस्पी रहती है।उसके बाद दोनों की साथ रहने की मजबूरी है,क्योंकि दोनों का अपना अपना स्वार्थ है।बच्चे तो नर और मादा बिना प्रेम किये भी पैदा कर ही देते हैं।

शादी की पहली रात में दुल्हन के शरीर की अब तक रहस्य बनीं परतें जब एक- एक कर दूल्हे के सामने उघड़ती हैं,तो वह यह देख कर हक्का- बक्का रह जाता है कि 'यहाँ तो ऐसा कुछ भी नहीं, जिसे पाने के लिये वह बेताब हुआ जा रहा था'😂

वैसे भी, सभी सामाजिक बन्धन हटा लो,तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

पिछ्ले दिनों कोरा पर ही एक मोहतरमा ने साफ साफ लिखा कि "अगर सारे सामाजिक बन्धन हटा लिये जाएँ,तो अधिकाँश स्त्रियाँ आज ही 'वाइफ स्वैपिंग' ( पत्नियों की एक रात की अदला बदली) के लिये तैयार बैठी हैं।"

अब अगर यह सच है,और अनेक पत्नियों की ऐसी सोच हो,तो फिर कैसा प्रेम बचा ? पति के साथ सरासर धोखा हुआ न ?

तो, 'सात जन्मों की मुहब्बत' सिर्फ एक जुमला है जुमला?

इसलिए कुँवारे हो, तो शादी से पहले 20 बार सोचो !

उन मोहतरमा को हकीकत बयाँ करने का तहे दिल से शुक्रिया!!

एडिट:एक सुधी पाठक ने तो टिप्पणी( नीचे देखें) में यहाँ तक लिखा है कि 4- 5 महीने नहीं,बल्कि ऐसा फॉर्मूला केवल 5 दिन में ही परिणाम दे देगा।यानि bf हो या gf दोनों में से एक,जिसे आजमाया जा रहा हो,5 दिन में ही पतली गली से निकल भागेगा/ भागेगी। तो फिर कैसा प्यार
-Umesh Vashishth, Quora

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